“दिन जो ठहरे से लगते है गुज़र जायेंगे,
“दिन जो ठहरे से लगते है गुज़र जायेंगे,
हम सब जैसे भी हो एक दिन मर जायेंगे..
तू पहले जैसा था अब वैसा तो नहीं,
बाकी लोग भी नज़र से उतर जायेंगे..
तुम्हें चलना ही है तो चलो साथ चलें,
ज़्यादा आगे निकले तो किधर जायेंगे..
आज ख़ुद से झगड़ा करके निकले हम,
अब ना रस्ते में रहेंगे न घर जायेंगे ।
हम सब जैसे भी हो एक दिन मर जायेंगे..
तू पहले जैसा था अब वैसा तो नहीं,
बाकी लोग भी नज़र से उतर जायेंगे..
तुम्हें चलना ही है तो चलो साथ चलें,
ज़्यादा आगे निकले तो किधर जायेंगे..
आज ख़ुद से झगड़ा करके निकले हम,
अब ना रस्ते में रहेंगे न घर जायेंगे ।
Comments
Post a Comment