“बिछड़ने की बात से वो डरता भी था,
“बिछड़ने की बात से वो डरता भी था,
लेकिन कभी-कभी ज़िक्र करता भी था..
मेरी ग़ैर-हाज़िरी का उसे पता भी न चला,
क्या मेरे होने से उसे फर्क पड़ता भी था”
लेकिन कभी-कभी ज़िक्र करता भी था..
मेरी ग़ैर-हाज़िरी का उसे पता भी न चला,
क्या मेरे होने से उसे फर्क पड़ता भी था”
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